डीएनपी डेस्क: उत्तराखंड में आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक हलचल तेज है. इसी बीच उत्तराखंड से बड़ी खबरें सामने आई है. दरअसल हरिद्वार (Haridwar) में हाल में आयोजित ‘धर्म संसद’ के दौरान कुछ प्रतिभागियों द्वारा कथित तौर पर नफरत फैलाने वाले भाषण देने के मामले की जांच के लिए रविवार को एसआईटी का गठन किया गया है. जानकारी के मुताबिक पूरे मामले की अब एसआईटी के द्वारा जांच की जाएगी और दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी.

इस पूरे मामले को लेकर गढ़वाल के पुलिस उपमहानिरीक्षक (DIG) के एस नागन्याल ने पत्रकारों से बात करते हुए विस्तृत जानकारी दी है. उन्होंने कहा कि मामले की जांच के लिए पांच सदस्यीय विशेष जांच टीम (SIT) गठित की गई है. जब उनसे पूछा गया कि क्या इस मामले से जुड़े कुछ लोगों की गिरफ्तारी भी होगी तो नागन्याल ने बताया कि निश्चित तौर पर अगर जांच में पुख्ता सबूत मिलते हैं, तो गिरफ्तारी होगी. उन्होंने आगे कहा, ‘‘हमने एसआईटी का गठन किया है. वह जांच करेगी. अगर इसमें शामिल लोगों के खिलाफ पुख्ता सबूत मिलते हैं, तो उचित कार्रवाई की जाएगी.’’

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आपको बता दें कि गढ़वाल के पुलिस उपमहानिरीक्षक के द्वारा दी गई जानकारी के मुताबिक इस पूरे मामले में अब तक पांच लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है जिनमें वसीम रिजवी उर्फ जितेंद्र नरायण त्यागी, साधवी अन्नपूर्णा धर्मदास, संत सिंधु सागर और धर्म संसद के आयोजक एवं गाजियाबाद के डासना मंदिर के मुख्य पुजारी यति नरसिम्हानंद शामिल हैं. गौरतलब है कि उत्तराखंड की बीजेपी सरकार पर हरिद्वार में 16 से 19 दिसंबर के बीच आयोजित ‘धर्म संसद’ में मुस्लिमों के खिलाफ कथित तौर पर नफरत फैलाने वाले भाषण देने वालों पर कार्रवाई करने को लेकर विभन्न धड़ों का दबाव है.

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Rupesh Ranjan is an Indian journalist. These days he is working as a Independent journalist. He has worked as a sub-editor in News Nation. Apart from this, he has experience of working in many national news channels.

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